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बिगड़ गया है बचà¥à¤šà¤¾? जानें वà¥â€à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में बदलाव लाने के 5 आसान तरीके
बचà¥â€à¤šà¤¾ जâ€à¤¿à¤¦à¥à¤¦à¥€ बन गया है और बâ€à¤¿à¤—ड़ने के लकà¥à¤·à¤£ नजर आ रहे हैं, तो 5 आसान तरीकों से बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ का वà¥â€à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° बदल सकते हैं। जानें इनके बारे में।
बचà¥â€à¤šà¥‡ जब सà¥â€à¤µà¤à¤¾à¤µ से बâ€à¤¿à¤—ड़ जाते हैं, तो माता-पâ€à¤¿à¤¤à¤¾ से पूछे बगैर ही अपनी जâ€à¤¿à¤‚दगी के फैसले लेने शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं। यहींं से समसà¥â€à¤¯à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ होती है। à¤à¤¸à¥‡ बचà¥â€à¤šà¥‡ माता-पâ€à¤¿à¤¤à¤¾ से दूर हो जाते हैं। उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ या तो अपने दोसà¥â€à¤¤à¥‹à¤‚ के साथ समय बâ€à¤¿à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾ पसंद होता या वो जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° अकेले रहते हैं। à¤à¤¸à¥‡ बचà¥â€à¤šà¥‡ डâ€à¤¿à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का शâ€à¤¿à¤•ार à¤à¥€ हो सकते हैं। बâ€à¤¿à¤—ड़े हà¥à¤ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ का संबंध माता-पâ€à¤¿à¤¤à¤¾ के साथ खराब होने लगता है। बचपन में अनबन के साथ जब बचà¥â€à¤šà¥‡ बड़े होते हैं, तो वो सही और गलत में फरà¥à¤• नहीं समठपाते। बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के वà¥â€à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में बदलाव लाना चाहते हैं, तो कà¥à¤› आसान तरीकों के बारे में जान लें।
1. बचà¥â€à¤šà¥‡ को डांटने से बचें
बचà¥â€à¤šà¥‡ को डांटने से बचना चाहâ€à¤¿à¤à¥¤ गà¥à¤¸à¥â€à¤¸à¥ˆà¤² या जâ€à¤¿à¤¦à¥à¤¦à¥€ सà¥â€à¤µà¤à¤¾à¤µ वाले बचà¥â€à¤šà¥‡ डांटने या मारने से काबू से बाहर हो जाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के वà¥â€à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° को बदलने के लâ€à¤¿à¤ सबसे पहले अपना वà¥â€à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° बदलें और इनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ डांटने से बचें। माता-पâ€à¤¿à¤¤à¤¾ होने के नाते अगर आप बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को डांटेंगे या मारेंगे, तो वो आपके साथ मन की बात साà¤à¤¾ करने में हâ€à¤¿à¤šà¤•â€à¤¿à¤šà¤¾à¤à¤‚गे। बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के साथ दोसà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾ वà¥â€à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° रखें। जâ€à¤¿à¤¦à¥à¤¦à¥€ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को समà¤à¤¾à¤¨à¥‡ के लâ€à¤¿à¤ उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ सही तरà¥à¤• दें और सही-गलत के बीच फरà¥à¤• समà¤à¤¾à¤¨à¥‡ के लâ€à¤¿à¤ दो वâ€à¤¿à¤•लà¥â€à¤ªà¥‹à¤‚ के फायदे और नà¥à¤•सान पर चरà¥à¤šà¤¾ करें।
2. बचà¥â€à¤šà¥‡ के गà¥à¤¸à¥â€à¤¸à¥ˆà¤² वà¥â€à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° का कारण जानें
जâ€à¤¿à¤¨ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ का सà¥â€à¤µà¤à¤¾à¤µ चâ€à¤¿à¤¡à¤¼à¤šâ€à¤¿à¤¡à¤¼à¤¾ है उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ अकेला न छोड़ें। कई बार बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के बâ€à¤¿à¤—ड़ जाने का कारण उनका अकेलापन होता है। माता-पâ€à¤¿à¤¤à¤¾ वà¥à¤¯à¤¸à¥â€à¤¤ दâ€à¤¿à¤¨à¤šà¤°à¥à¤¯à¤¾ में अगर बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¥‚ल जाà¤à¤‚गे, तो वे अपने मन मà¥à¤¤à¤¾à¤¬â€à¤¿à¤• अपनी राय बनाà¤à¤‚गे और सà¥â€à¤µà¤à¤¾à¤µ में गà¥à¤¸à¥â€à¤¸à¤¾ और जâ€à¤¿à¤¦à¥à¤¦ बढ़ जाà¤à¤—ी। à¤à¤¸à¥‡ बचà¥â€à¤šà¥‡ गलत लत का शâ€à¤¿à¤•ार हो जाते हैं।
3. पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° से बनेगी बात
अगर आपका बचà¥â€à¤šà¤¾ बâ€à¤¿à¤—ड़ गया है, तो उससे पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° से बात करें। गांधीजी के दरà¥à¤¶à¤¨à¤¶à¤¾à¤¸à¥â€à¤¤à¥à¤° की बात करें, तो पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° से हम कोई à¤à¥€ काम करवा सकते हैं। इसी तरह बâ€à¤¿à¤—ड़े हà¥à¤ बचà¥â€à¤šà¥‡ को समà¤à¤¾à¤¨à¥‡ के लâ€à¤¿à¤ बचà¥â€à¤šà¥‡ के पà¥à¤°à¤¤â€à¤¿ मन में पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° और इजà¥â€à¤œà¤¤ रखते हà¥à¤ उससे बदलते वà¥â€à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के बारे में बात करें। बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को इस बात का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ नहीं होता कâ€à¤¿ उनके वà¥â€à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में बदलाव कैसे आ रहा है। आप पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° के साथ उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ गलत और सही वà¥â€à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° की जानकारी दें।
4. बचà¥â€à¤šà¥‡ की गलत जâ€à¤¿â€à¤¦à¥à¤¦ न मानें
बâ€à¤¿à¤—ड़े हà¥à¤ बचà¥â€à¤šà¥‡, अपने माता-पâ€à¤¿à¤¤à¤¾ की कमजोरी का फायदा उठाकर उनसे अपनी जâ€à¤¿à¤¦à¥à¤¦ पूरी करने के लâ€à¤¿à¤ कहते रहते हैं। à¤à¤¸à¥€ सà¥â€à¤¥â€à¤¿à¤¤â€à¤¿ में अगर आप हर बार बचà¥â€à¤šà¥‡ की जâ€à¤¿à¤¦à¥à¤¦ पूरी कर देंगे, तो ये आदत समय के साथ पà¥à¤–à¥â€à¤¤à¤¾ होती जाà¤à¤—ी। बचà¥â€à¤šà¥‡ की हर बात जरूर सà¥à¤¨à¥‡à¤‚, लेकâ€à¤¿à¤¨ उसकी हर जâ€à¤¿à¤¦à¥à¤¦ या मांगी हà¥à¤ˆ हर चीज को तà¥à¤°à¤‚त दे देने की गलती न करें। माना की बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के सà¥â€à¤µà¤à¤¾à¤µ में à¤à¥‹à¤²à¤¾à¤ªà¤¨ होता है लेकâ€à¤¿à¤¨ उनकी जâ€à¤¿à¤¦à¥à¤¦ मान लेने से बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के वà¥â€à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में अंतर आता है।
5. बचà¥â€à¤šà¥‡ के साथ समय बâ€à¤¿à¤¤à¤¾à¤à¤‚
बचà¥â€à¤šà¥‡ के साथ समय न बâ€à¤¿à¤¤à¤¾à¤¨à¥‡ के कारण बचà¥â€à¤šà¥‡ चâ€à¤¿à¤¡à¤¼à¤šâ€à¤¿à¤¡à¤¼à¥‡ और गà¥à¤¸à¥â€à¤¸à¥ˆà¤² बन जाते हैं। आपका बचà¥â€à¤šà¤¾ à¤à¥€ बâ€à¤¿à¤—ड़ गया है, तो उसे समय दें। बचà¥â€à¤šà¥‡ से आपकी दोसà¥â€à¤¤à¥€ कâ€à¤¿à¤¤à¤¨à¥€ गहरी है, इस पर आपके बचà¥â€à¤šà¥‡ का वà¥â€à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° टâ€à¤¿à¤•ा होता है। वरà¥à¤•िâ€à¤‚ग पैरेंटà¥à¤¸ के साथ अकà¥â€à¤¸à¤° ये समसà¥â€à¤¯à¤¾ होती है। बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को हफà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¤• बार बाहर घूमने के लâ€à¤¿à¤ जरूर लेकर जाà¤à¤‚। इससे उनका मूड à¤à¥€ अचà¥â€à¤›à¤¾ रहेगा और आपके साथ बांड à¤à¥€ बेहतर होगा।
ऊपर बताई गई टâ€à¤¿à¤ªà¥â€à¤¸ की मदद से आप बचà¥â€à¤šà¥‡ के खराब वà¥â€à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° को ठीक कर सकते हैं। लेख पसंद आया हो, तो शेयर करना न à¤à¥‚लें।
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